पुस्तकालय और समाज (Library and Society) - महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न और अवधारणाएं
यह अध्ययन सामग्री पुस्तकालय विज्ञान (Library Science) और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) पर आधारित है, जो BPSC Librarian, LET और Polytechnic College Librarian परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
1. पुस्तकालय की सामाजिक और शैक्षिक भूमिका
पुस्तकालय एक सार्वजनिक संस्था है जो पाठ्य सामग्रियों के संग्रह, संरक्षण और उनके उपयोग को सुनिश्चित करती है। यह मुख्य रूप से समाज के शैक्षिक, सांस्कृतिक और सूचनात्मक विकास में योगदान देता है। सार्वजनिक पुस्तकालय बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी नागरिकों के लिए खुले रहते हैं।
Key Point
सार्वजनिक पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि नागरिकों को निःशुल्क और सुलभ ज्ञान प्रदान करना है।
2. पुस्तकालय विज्ञान के पाँच सूत्र (Five Laws of Library Science)
डॉ. एस. आर. रंगनाथन द्वारा प्रतिपादित पुस्तकालय विज्ञान के पाँच सूत्र पुस्तकालय प्रणाली की रीढ़ हैं। दूसरा सूत्र "प्रत्येक पाठक को उसकी पुस्तक" (Every reader his/her book) राज्य के दायित्वों (Obligations of the State) को रेखांकित करता है और 'मुक्त प्रवेश प्रणाली' (Open Access System) की वकालत करता है।
Key Point
चौथा सूत्र 'पाठक का समय बचाएं' (Save the time of the reader) पुस्तकालय के भविष्य के नियोजन (Planning) और कर्मचारियों की संख्या के विस्तार का संकेत देता है।
3. भारत में पुस्तकालय आंदोलन (Library Movement)
भारत में पुस्तकालय आंदोलन की शुरुआत का श्रेय सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय को जाता है, जिन्होंने बड़ौदा रियासत में इसकी नींव रखी थी। वहीं, पुस्तकालय विज्ञान के जनक के रूप में डॉ. एस. आर. रंगनाथन को जाना जाता है।
Key Point
भारत में सबसे पहले सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम (Public Libraries Act) मद्रास (Tamil Nadu) राज्य द्वारा वर्ष 1948 में पारित किया गया था।
4. राष्ट्रीय पुस्तकालय (National Library of India), कोलकाता
कोलकाता स्थित राष्ट्रीय पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य देश के बौद्धिक और सांस्कृतिक इतिहास की धरोहर को संरक्षित करना है। यह भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने वाली शीर्ष संस्था है।
Key Point
डेलीवरी ऑफ़ बुक्स (पब्लिक लाइब्रेरीज़) एक्ट वर्ष 1954 में अधिनियमित किया गया था, जिसके तहत देश में प्रकाशित होने वाली पुस्तकों की प्रतियां राष्ट्रीय पुस्तकालय को भेजी जाती हैं।
5. राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन (RRRLF)
RRRLF की स्थापना भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) द्वारा देश में सार्वजनिक पुस्तकालय सेवाओं के विकास और संवर्धन के लिए की गई थी।
Key Point
आरआरआरएलएफ (RRRLF) का मुख्य कार्य देश भर के सार्वजनिक पुस्तकालयों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
6. यूनेस्को (UNESCO) का सार्वजनिक पुस्तकालय घोषणापत्र
यूनेस्को (UNESCO) के सार्वजनिक पुस्तकालय घोषणापत्र (Public Library Manifesto) को आखिरी बार वर्ष 1994 में संशोधित/अद्यतन (Updated) किया गया था ताकि आधुनिक सूचना युग की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
Key Point
यूनेस्को का यह घोषणापत्र दुनिया भर में सार्वजनिक पुस्तकालयों के विकास, संचालन और उनकी नीतियों के निर्धारण के लिए मार्गदर्शक का कार्य करता है।
7. पुस्तकालय और समाज का अंतर्संबंध
पुस्तकालय एक संवर्धनशील संस्था (Library is a growing organism) है, जहाँ पुस्तकों, पाठकों और कर्मचारियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती रहती है। इसके अलावा, समाज के कमजोर, वंचित और दृष्टिबाधित वर्गों तक पुस्तकालय सेवा पहुँचाना 'सार्वभौमिक पहुँच का सिद्धांत' (Universal Access) के अंतर्गत आता है।
Key Point
डॉ. एस. आर. रंगनाथन ने मोबाइल लाइब्रेरी (Mobile Library) को 'चलती-फिरती लाइब्रेरी' (Library on Wheels) नाम दिया था।